Saturday, May 4, 2019

हजरत इस्लाम सहर इश्कआबादी रुबाई वृत्त ४ गागाल लगागाल लगालगा लगाल

हजरत इस्लाम सहर इश्कआबादी रुबाई वृत्त ४

गागाल लगागाल लगालगा लगाल

सखये फिरलो नित्य चहूदिशा नितांत
होती मज आता तुझेच रोज भास

माझिया मनास

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