Tuesday, June 9, 2020

शायरी

समेट लेंगे अब खुद-ब-खुद
बाहों में खुशियाँ ढेर सारी

कुछ पल के लिए ही सही
कोई फिक्र ना करे हमारी

🤗 सागरराजे निंबाळकर

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